यूपी के 11 जिलों में रेड अलर्ट, आज और कल खतरनाक रहेगा मौसम, जानें कब से मिलेगी भीषण गर्मी से राहत   – up heatwave red alert banda prayagraj jhansi imd warning cm yogi government heat stroke lclg


यूपी में मई की तपिश अब खतरनाक स्तर तक पहुंच गई है. भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने प्रदेश के कई जिलों में आज भीषण हीटवेव को लेकर रेड अलर्ट जारी किया है. मौसम विभाग की चेतावनी के बाद योगी सरकार पूरी तरह अलर्ट मोड में आ गई है. प्रशासन से लेकर स्वास्थ्य विभाग तक को विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं.

20 मई से 21 मई को बांदा, चित्रकूट, प्रयागराज, फतेहपुर, आगरा, फिरोजाबाद, इटावा, जालौन, हमीरपुर, महोबा और झांसी में भयानक लू चलने की आशंका जताई गई है. मौसम विभाग के मुताबिक इन जिलों में तापमान सामान्य से 3 से 4 डिग्री सेल्सियस तक अधिक दर्ज हो सकता है. दोपहर के समय गर्म हवाएं लोगों के लिए जानलेवा साबित हो सकती हैं. प्रदेश के बुंदेलखंड और दक्षिणी हिस्सों में हालात सबसे ज्यादा गंभीर माने जा रहे हैं. सड़कें दोपहर में सूनी दिखाई देने लगी हैं, जबकि गांवों में लोग पेड़ों और छायादार जगहों का सहारा लेते नजर आ रहे हैं. कई जिलों में सुबह 9 बजे के बाद ही तेज धूप और गर्म हवा का असर महसूस होने लगा है. तीन-चार दिन बाद इस भीषण गर्मी से कुछ राहत मिल सकती है. ऐसा अनुमान लगाया जा रहा है. 

सीएम ने दिए निगरानी के आदेश 

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हालात को देखते हुए अधिकारियों को संवेदनशील जिलों पर विशेष निगरानी रखने के निर्देश दिए हैं. साथ ही सरकारी अस्पतालों में हीट स्ट्रोक से प्रभावित मरीजों के इलाज के लिए पर्याप्त इंतजाम सुनिश्चित करने को कहा गया है. स्वास्थ्य विभाग को निर्देश दिए गए हैं कि अस्पतालों में दवाओं, बेड और डॉक्टरों की उपलब्धता बनी रहे. एंबुलेंस सेवाओं को भी पूरी तरह सक्रिय रखने को कहा गया है ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत मदद पहुंचाई जा सके. सरकार ने नगर निकायों और जिला प्रशासन को सार्वजनिक स्थानों पर पेयजल की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं. बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन, बाजार और भीड़भाड़ वाले इलाकों में पानी के इंतजाम पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है. बिजली विभाग को भी अलर्ट पर रखा गया है ताकि भीषण गर्मी के बीच बिजली आपूर्ति बाधित न हो.

जरूरी ना हो तो बाहर ना निकले

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपील की है कि अत्यधिक गर्मी और लू के दौरान अनावश्यक रूप से घरों से बाहर न निकलें. खासतौर पर बच्चों, बुजुर्गों और बीमार लोगों को अतिरिक्त सावधानी बरतने की सलाह दी गई है. प्रशासन ने लोगों से पर्याप्त मात्रा में पानी पीने, हल्के सूती कपड़े पहनने और धूप में निकलते समय सिर ढककर रखने की अपील की है.

21 मई तक सावधानी की जरूरत 

मौसम विभाग के अनुसार  21 मई तक का समय सबसे ज्यादा संवेदनशील रहने वाला है. दोपहर 12 बजे से लेकर शाम 4 बजे तक गर्मी का असर चरम पर रह सकता है. डॉक्टरों का कहना है कि लगातार धूप में रहने से शरीर में पानी की कमी, चक्कर आना, उल्टी, सिरदर्द और बेहोशी जैसी समस्याएं बढ़ सकती हैं. समय रहते सावधानी न बरतने पर हीट स्ट्रोक जानलेवा भी हो सकता है. प्रदेश सरकार ने श्रमिकों के लिए भी विशेष एडवाइजरी जारी की है. निर्माण कार्य, खेतों और खुले स्थानों पर काम करने वाले मजदूरों को दोपहर के समय काम से बचने की सलाह दी गई है. प्रशासन ने कहा है कि कार्यस्थलों पर ठंडे पानी और प्राथमिक उपचार की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए. श्रमिकों को बीच-बीच में छाया में आराम देने और ORS का घोल पिलाने पर जोर दिया गया है.

पशुपालकों को भी दी गई सलाह 

गांवों में पशुपालकों को भी सतर्क रहने की सलाह दी गई है. पशुओं को दिन में कई बार ताजा और ठंडा पानी पिलाने के निर्देश दिए गए हैं. दोपहर के समय पशुओं को खुले में न बांधने और उन्हें छायादार स्थान पर रखने को कहा गया है. पशु चिकित्सकों का कहना है कि भीषण गर्मी का असर इंसानों के साथ-साथ पशुओं पर भी तेजी से पड़ता है.

प्रशासन ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और जरूरत पड़ने पर तुरंत हेल्पलाइन नंबरों पर संपर्क करने की अपील की है. आपात स्थिति में पुलिस सहायता के लिए 100 और 112, एंबुलेंस सेवा के लिए 108, राहत आपदा कंट्रोल रूम के लिए 1070 और जिला आपदा कंट्रोल रूम के लिए 1077 नंबर जारी किए गए हैं. मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि इस बार मई महीने में गर्मी पिछले कई वर्षों के रिकॉर्ड तोड़ सकती है. लगातार बढ़ता तापमान आम जनजीवन पर सीधा असर डाल रहा है. बाजारों में दोपहर के समय भीड़ कम हो गई है और लोग जरूरी काम सुबह या शाम के समय निपटाने लगे हैं. विशेषज्ञों का कहना है कि आने वाले दिनों में सावधानी ही सबसे बड़ा बचाव है. अगर जरूरी न हो तो दोपहर के समय घर से बाहर निकलने से बचना चाहिए. पर्याप्त पानी पीना, शरीर को ढककर रखना और हल्का भोजन करना बेहद जरूरी है. प्रशासन लगातार हालात पर नजर बनाए हुए है और जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त कदम उठाने की तैयारी भी की जा रही है.

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