ममता बनर्जी फोन मिलाती रह गईं, कांग्रेस ने मदद से किया मना; शर्त रख दी, National Hindi News


ममता बनर्जी ने कांग्रेस के साथ उपचुनाव के लिए गठबंधन की पेशकश की थी। फिलहाल, ऐसी खबरें सामने आ रहीं हैं, लेकिन अब तक पार्टी ने इसे लेकर आधिकारिक तौर पर कुछ नहीं कहा है। नंदीग्राम और रेजीनगर सीट पर उपचुनाव होना है और बागी गुट भी प्रत्याशी उतार चुका है।

ममता बनर्जी के सामने चुनौतियां फिलहाल कम होती नहीं दिख रहीं हैं। खबर है कि उन्होंने नंदीग्राम उपचुनाव में मदद के लिए कांग्रेस संपर्क साधा था, लेकिन पार्टी ने उनका प्रस्ताव मानने से इनकार कर दिया है। हालांकि, इसे लेकर आधिकारिक रूप से कुछ नहीं कहा गया है। कांग्रेस ने रेजीनगर और नंदीग्राम सीट पर अपने उम्मीदवार उतारे हैं। वहीं, ममता बनर्जी को लेकर अटकलें थीं कि वह नंदीग्राम से चुनाव लड़ सकती हैं।

खबर है कि पूर्व मुख्यमंत्री बनर्जी ने कांग्रेस से मदद मांगी थी। संघवाद प्रतिदिन की रिपोर्ट के अनुसार, उन्होंने कांग्रेस के वरिष्ठ नेता केसी वेणुगोपाल से बात की थी और रेजीनगर सीट पर तृणमूल कांग्रेस उम्मीदवार के समर्थन की बात कही थी। साथ ही कहा गया है कि उन्होंने नंदीग्राम सीट कांग्रेस के लिए छोड़ने की भी पेशकश की थी। ऐसे में संकेत मिल रहे थे कि ममता बनर्जी कांग्रेस के साथ गठबंधन की कोशिश में हैं।

इसमें कहा गया है कि सोमवार शाम को ममता बनर्जी ने कांग्रेस महासचिव वेणुगोपाल से बात की थी और साथ में उपचुनाव लड़ने का प्रस्ताव दिया था। उन्होंने नंदीग्राम में कांग्रेस के साथ लड़ने का वादा किया था और रेजीनगर में अपने प्रत्याशी के लिए समर्थन मांगा था। रिपोर्ट के मुताबिक, उन्होंने नंदीग्राम से अपने उम्मीदवार का नाम वापस लेने की भी पेशकश की थी, लेकिन कांग्रेस ने इनकार कर दिया। हालांकि, इसे लेकर टीएमसी या कांग्रेस की ओर से आधिकारिक रूप से कुछ नहीं कहा गया है।

क्या मिला जवाब

रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से बताया गया है कि तृणमूल शासन में कांग्रेस कार्यकर्ताओं पर हुए अत्याचारों के चलते पार्टी ने प्रस्ताव मानने से मना कर दिया है। इसमें प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष शुभांकर सरकार के हवाले से लिखा गया है कि अगर टीएमसी गठबंधन चाहती है, तो उसे नंदीग्राम और रेजीनगर सीट पर होने वाले उपचुनावों में कांग्रेस का साथ देना होगा।

नंदीग्राम के उम्मीदवार को लेकर नाराजगी?

टीएमसी ने नंदीग्राम सीट पर अक्टूबर में होने वाले उपचुनाव के लिए संचिता प्रधान डे को टिकट दिया है। वहीं, रेजीनगर सीट से रबीउल आलम चौधरी को उम्मीदवार बनाया है। खबरें हैं कि प्रधान की उम्मीदवारी को लेकर स्थानीय स्तर पर नाराजगी का दौर शुरू हो गया है। कहा जा रहा है कि साल 2014 के शिक्षक भर्ती घोटाले में उनका नाम आया था।

कांग्रेस दोनों सीटों पर लड़ रही है चुनाव

इधर, कांग्रेस दोनों ही सीटों पर मैदान में है। रेजीनगर से मोहम्मद अब्दुल्लाहिल कफी को उम्मीदवार बनाया गया है, जबकि नंदीग्राम सीट से मिलन प्रधान कांग्रेस के उम्मीदवार होंगे। दोनों ही सीटों पर 6 अक्टूबर को वोटिंग होगी और उसके बाद 9 अक्टूबर को मतगणना होगी। मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के सीट छोड़ने के चलते यहां उपचुनाव हो रहे हैं।

ममता बनर्जी को एक और टेंशन

ऋताब्रत बनर्जी की अगुवाई वाले टीएमसी के बागी गुट ने भी दोनों सीटों पर उम्मीदवार खड़े कर दिए हैं। खास बात है कि यह गुट टीएमसी के नाम और चिह्न पर ही चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहा है। गुट की तरफ से नंदीग्राम से मोहम्मद एतेशामुल हक और सफीउज्जमां शेख को मुर्शिदाबाद की रेजीनगर सीट से मैदान में उतरेंगे।

खास बात है कि ये घटनाक्रम ऐसे समय पर हो रहे हैं, जब टीएमसी के नाम और निशान पर अंतिम फैसला होने जा रहा है। खबर है कि भारत निर्वाचन आयोग 17 सितंबर से पहले इस मामले में फैसला ले सकता है। मई में घोषित विधानसभा चुनाव में अविभाजित टीएमसी ने 80 सीटें जीती थीं। बाद में 60 से ज्यादा विधायक ऋताब्रत के नेतृत्व में अलग हो गए थे।



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