तिरंगा यात्रा को लेकर छत्रपति संभाजीनगर में लगे मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के तमाम पोस्टर्स देखकर कॉकरोच जनता पार्टी के अभिजीत दीपके भड़क गए। उन्होंने कहा कि इस पैसे को स्कूलों में लगाना चाहिए।
कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के राष्ट्रीय संयोजक अभिजीत दीपके शुक्रवार को महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस पर भड़क गए। उन्होंने छत्रपति संभाजीनगर में तिरंगा यात्रा के मौके पर लगे फडणवीस के तमाम पोस्टर्स पर सवाल उठाए और कहा कि इन पैसों को गांवों के स्कूलों में खर्च करने के लिए लगाया जा सकता था। दीपके ने कहा कि गांव के छात्र स्कूलों तक पहुंचने के लिए अच्छी सड़कों की गुहार लगा रहे हैं, लेकिन मुख्यमंत्री ने छत्रपति संभाजीनगर को अपने बैनरों से ढक दिया।
सीजेपी फाउंडर अभिजीत दीपके ने एक्स पर एक वीडियो पोस्ट किया, जिसमें छत्रपति संभाजीनगर में लगे मुख्यमंत्री फडणवीस के तमाम पोस्टर्स को दिखाया गया। ये पोस्टर्स तिरंगा रैली के सिलसिले में लगाए गए थे। दीपके ने लिखा, ‘अभी-अभी अपने होमटाउन पहुंचा हूं और जहां भी देखता हूं, वहां देवेंद्र फडणवीस का बैनर है। तिरंगा रैली का स्वागत है, लेकिन क्या सच में हर जगह बड़े-बड़े बैनर की जरूरत है? यह पैसा गांव के इलाकों के स्कूलों को बेहतर बनाने में बेहतर तरीके से खर्च किया जा सकता है। जबकि गांव के छात्र स्कूल तक पहुंचने के लिए अच्छी सड़कों की गुहार लगा रहे हैं, मुख्यमंत्री ने छत्रपति संभाजीनगर को अपने बैनरों से ढक दिया है।”
बता दें कि नीट पेपर लीक के मुद्दे पर अभिजीत दीपके ने जंतर-मंतर पर एक सफल छात्र आंदोलन चलाया था। एक महीने से ज्यादा समय तक चले इस आंदोलन के चलते धर्मेंद्र प्रधान को शिक्षा मंत्री के पद से इस्तीफा देना पड़ गया था। इसके बाद, दीपके के नेतृत्व में कॉकरोच जनता पार्टी ने एक नया अभियान शुरू करने की बात कही है। यह अभियान ‘स्कूल ठीक करो’ है। 15 अगस्त से शुरुआत होनी है। इसका मुख्य उद्देश्य ग्रामीण इलाकों के सरकारी स्कूलों में बुनियादी सुविधाओं और शिक्षा के स्तर में सुधार के लिए दबाव बनाना है।
‘स्कूल ठीक करो’ अभियान में क्या होगा?
सीजेपी के इस अभियान में ग्रामीण सरकारी स्कूलों की बुनियादी सुविधाओं की स्थिति पर ध्यान दिया जाएगा। अभिभावकों, स्थानीय नागरिकों और गांव के नेताओं को अभियान से जोड़ने की योजना है। स्कूलों की पहले और बाद की तस्वीरें सोशल मीडिया पर साझा करने की बात कही गई है। नागरिकों की भागीदारी से सरकारी स्कूलों का सोशल ऑडिट कराने की भी घोषणा हुई है। दीपके ने बताया है कि अभियान की शुरुआत वह महाराष्ट्र के हिंगोली स्थित अपने गांव से करेंगे।


