पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ने का असर, कर्नाटक में 30% तक बढ़ा प्राइवेट बसों का किराया – karnataka private bus fare hike fuel price increase ntc rlch


कर्नाटक में ईंधन की कीमतों में बढ़ोतरी के बाद निजी बस ऑपरेटरों ने किराए में 20 से 30 प्रतिशत तक इजाफा करने का फैसला किया है. नई दरें शुक्रवार आधी रात से लागू हो गई हैं. किराया बढ़ोतरी रूट के अनुसार तय की जाएगी. बस ऑपरेटरों ने साथ ही सरकार से सब्सिडी, सेस में कटौती और रोड टैक्स कम करने की मांग भी की है. उनका कहना है कि बढ़ती लागत के कारण परिवहन व्यवसाय गंभीर आर्थिक दबाव में है.

कर्नाटक स्टेट बस ओनर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष एस. नटराज शर्मा ने कहा कि राज्य में पहले से ही ऊंचे रोड टैक्स और ‘शक्ति योजना’ के असर से निजी बस मालिक परेशान हैं. शक्ति योजना के तहत सरकारी बसों में महिलाओं को मुफ्त यात्रा की सुविधा दी गई है, जिससे निजी बस ऑपरेटरों के कारोबार पर असर पड़ा है.

उन्होंने कहा कि अब पेट्रोल और डीजल की कीमतों में 3 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी ने हालात और मुश्किल बना दिए हैं. इससे हर बस पर करीब 15 हजार रुपये प्रतिमाह का अतिरिक्त बोझ पड़ेगा. अगर किसी मालिक के पास तीन बसें हैं तो उसे हर महीने 45 हजार से 50 हजार रुपये तक का अतिरिक्त खर्च उठाना पड़ेगा.

नटराज शर्मा ने कहा कि मौजूदा परिस्थितियों में किराया बढ़ाना मजबूरी बन गया है. उन्होंने बताया कि औसतन प्रति सीट किराया करीब 200 रुपये तक बढ़ सकता है.

उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि फिलहाल बेंगलुरु से बेलगावी का बस किराया करीब 1000 से 1200 रुपये है, जो बढ़कर 1350 से 1400 रुपये तक पहुंच सकता है. इसी तरह बेंगलुरु से मंगलुरु या उडुपी का किराया अभी 900 से 1000 रुपये के बीच है, जो बढ़कर 1100 से 1200 रुपये हो सकता है.

गौरतलब है कि शुक्रवार को पेट्रोल और डीजल की कीमतों में तीन रुपये की बढ़ोतरी की गई है. पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के कारण वैश्विक कच्चे तेल की कीमतों में उछाल आया है, जिससे तेल कंपनियों पर दबाव बढ़ा है. इसी के चलते कीमतें बढ़ाने का फैसला केंद्र सरकार ने लिया है.

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