पंजाब चुनाव से पहले कांग्रेस छोड़ देंगे मनीष तिवारी? लोकसभा सांसद बोले- अब तक तो मैं…


पंजाब स्थित चंडीगढ़ लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र से सांसद और भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के नेता मनीष तिवारी ने राज्य में चुनाव से पहले कोई अहम जिम्मेदारी न मिलने पर प्रतिक्रिया दी है. समाचार एजेंसी एएनआई को दिए साक्षात्कार में मनीष तिवारी से जब इस संदर्भ में सवाल किए गए तो उन्होंने कहा कि उनका कुछ नुकसान नहीं हो रहा है. 

लोकसभा सांसद से सवाल किया गयाकि 2027 के विधानसभा चुनाव के लिए आपको कोई औपचारिक जिम्मेदारी नहीं दी गई है. क्या इससे आपको निराशा या नाराजगी होती है? इसके जवाब में तिवारी ने कहा कि बिल्कुल नहीं.  मैं पंजाब से दो बार सांसद रहा हूं और केंद्र सरकार में मंत्री भी रह चुका हूं. मैंने पंजाब के औद्योगिक केंद्र लुधियाना का प्रतिनिधित्व किया है. साथ ही, श्री आनंदपुर साहिब का भी प्रतिनिधित्व किया है.

Firozpur News: पंजाब पुलिस के ASI ने नहर में लगाई छलांग, घटना से पहले बनाई वीडियो; 7 लोगों का लिया नाम

तिवारी ने कहा कि सांसद के तौर पर मैं व्यक्तिगत रूप से पंजाब की 117 विधानसभा सीटों में से 18 का प्रतिनिधित्व कर चुका हूं. मेरा मानना है कि मुझे पंजाब की अच्छी समझ है. हमारे परिवार ने पंजाब, पंजाबी और पंजाबियत के लिए अपना खून बहाया है. ऐसे में अगर किसी को लगता है कि मेरे इस अनुभव और पंजाब के बारे में मेरी समझ का उपयोग नहीं किया जाना चाहिए, तो मैं सिर्फ इतना ही कहूंगा कि यह उनका नुकसान है, मेरा नहीं.

पार्टी छोड़ने के दिए संकेत?

चंडीगढ़ सांसद तिवारी से पूछा गया कि अभी तो आप साथ हैं, इसके जवाब में उन्होंने कहा कि अब तक तो वे और मैं एक ही हैं. लेकिन अगर कुछ लोगों को लगता है कि मेरा यह अनुभव उनके किसी काम का नहीं है, तो मुझे इसका कोई अफसोस नहीं है. पंजाब के प्रति मेरी जो भावना है, पंजाब के सामने मौजूद चुनौतियों को लेकर मेरी जो समझ है और एक उत्तर-पश्चिमी सीमावर्ती राज्य के रूप में पंजाब जिन अस्तित्वगत खतरों का सामना कर रहा है, उन सभी मुद्दों पर मैं लगातार लिखता भी हूं और खुलकर बोलता भी हूं.

छात्र आंदोलन पर विपक्षी एकता में दरार, पंजाब चुनाव से पहले कांग्रेस-AAP में बढ़ी खींचतान



Source link

Scroll to Top