चार ही विधायक थे, तीन हो गए बागी… उपेंद्र कुशवाहा की पार्टी में बड़ी फूट? – upendra kushwaha bihar legislative council election nda conflict rlm support rampukar sinha ntc pvp


बिहार में विधान परिषद चुनाव को लेकर महागठबंधन के बाद अब NDA के अंदर भी खींचतान सामने आई है. सारण शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में NDA की ओर से JDU ने आनंद पुष्कर को उम्मीदवार बनाया है. वहीं, RLM के प्रदेश महासचिव और प्रदेश मुख्य प्रवक्ता रामपुकार सिन्हा निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर मैदान में हैं.

सोमवार को रामपुकार सिन्हा ने सारण शिक्षक सीट से नामांकन दाखिल किया. उनके नामांकन में RLM के तीन विधायक भी शामिल हुए. इनमें RLM के प्रदेश अध्यक्ष और दिनारा विधायक आलोक कुमार सिंह, मधुबनी विधायक माधव आनंद और बाजपट्टी विधायक रामेश्वर महतो शामिल हैं.  तीनों ने रामपुकार सिन्हा के समर्थन का ऐलान किया.

RLM के तीन विधायकों का निर्दलीय प्रत्याशी राम पुकार सिन्हा को अपना समर्थन देना कई महीनो में काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि राज्यसभा सांसद उपेंद्र कुशवाहा की पार्टी RLM NDA का हिस्सा है और सारण शिक्षक सीट पर NDA ने JDU के आनंद पुष्कर को अपना उम्मीदवार बनाया है. ऐसे में RLM के तीन विधायकों का NDA उम्मीदवार के बजाय रामपुकार सिन्हा के साथ खड़ा होना पार्टी के अंदर पिछले कुछ से वक्त से चल रही बगावत की आग को एक बार फिर हवा दे दिया है .

RLM अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा ने हालांकि पार्टी में बगावत से इनकार किया है. उन्होंने कहा कि RLM NDA के साथ है और NDA के आधिकारिक उम्मीदवारों का समर्थन कर रही है. कुशवाहा ने कहा कि उनकी पार्टी का कोई विधायक बागी नहीं हुआ है.

दूसरी तरफ, प्रदेश अध्यक्ष आलोक सिंह का कहना है कि तीनों विधायक रामपुकार सिन्हा के साथ हैं. उनके मुताबिक रामपुकार सिन्हा लंबे समय से पार्टी से जुड़े रहे हैं और कार्यकर्ताओं के सम्मान को देखते हुए उनका समर्थन किया गया है. तीनों विधायकों ने यह भी कहा है कि रामपुकार सिन्हा के समर्थन का मतलब NDA सरकार से समर्थन वापस लेना नहीं है.

गौरतलब है कि RLM के कुल चार विधायक हैं जिनमें से तीन विधायक रामपुकार सिन्हा के समर्थन में हैं, जबकि चौथी विधायक उपेंद्र कुशवाहा की पत्नी स्नेहलता हैं. सारण शिक्षक सीट पर अब NDA के उम्मीदवार आनंद पुष्कर और निर्दलीय रामपुकार सिन्हा के अलावा जन सुराज के अफाक अहमद भी मैदान में हैं. रामपुकार सिन्हा के नामांकन में RLM के तीन विधायकों की मौजूदगी ने इस सीट के मुकाबले को अब और रोचक बना दिया है .

बिहार में विधान परिषद की शिक्षक और स्नातक सीटों के लिए 23 अक्टूबर को मतदान और 27 अक्टूबर को मतगणना होनी है. ऐसे में सारण शिक्षक सीट पर RLM के तीन विधायकों का पार्टी के विरुद्ध उठाया हुआ कदम और उपेंद्र कुशवाहा की पार्टी के अंदर किसी प्रकार की टूट या बगावत से इनकार बिहार की राजनीति में चर्चा का विषय बना हुआ है.

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