इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस के इस दावे को खारिज कर दिया कि वॉशिंगटन इजरायल का एकमात्र ताकतवर सहयोगी है. उन्होंने फॉक्स न्यूज से कहा, “इजरायल, अमेरिका के अलावा भारत सहित अन्य सहयोगियों के समर्थन पर भी निर्भर है.” यह बयान लेबनान में इजरायल के सैन्य अभियानों और ईरान के साथ अमेरिका की मध्यस्थता वाले शांति समझौते को लेकर दोनों सहयोगियों के बीच बढ़ते तनाव के बीच आया है.
इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने रविवार को भारत से मिल रहे समर्थन का जिक्र करते हुए अमेरिकी उपराष्ट्रपति जे.डी. वेंस के उस बयान का जवाब दिया है, जिसमें वेंस ने कहा था कि अमेरिका ही इजरायल का एकमात्र ताकतवर सहयोगी है.
नेतन्याहू ने ‘फॉक्स न्यूज संडे ब्रीफिंग’ में कहा कि इजरायल को कई अन्य देशों का समर्थन हासिल है, जिनमें ‘भारत जैसा एक छोटा देश’ भी शामिल है. नेतन्याहू ने कहा, “हमारे कुछ और दोस्त भी हैं, जैसे भारत जैसा एक छोटा देश, आप जानते हैं, वहां 1.4 अरब लोग हैं और सच कहूं तो, हमें वहां से जबरदस्त समर्थन मिलता है.”
जेडी वेंस ने क्या कहा था?
पिछले महीने, अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने व्हाइट हाउस में एक ब्रीफिंग के दौरान कहा था कि इजरायल को अमेरिका-ईरान शांति वार्ता का सम्मान करना चाहिए.
जब उनसे उन रिपोर्टों के बारे में पूछा गया, जिनमें कहा गया था कि इजरायली नेता अमेरिका-ईरान समझौते से नाखुश हैं और राष्ट्रपति ट्रंप की आलोचना कर रहे हैं, तो वेंस ने कहा, “अगर मैं इजरायली सरकार की कैबिनेट में होता, तो मैं शायद उस एकमात्र ताकतवर सहयोगी की आलोचना नहीं करता, जो पूरी दुनिया में मेरे पास बचा है.”
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‘फेसबुक पर मिलता है सपोर्ट…’
इजरायली प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने कहा, “मुझे फेसबुक पर भारत से बहुत समर्थन मिल रहा है. आप जानते हैं, मेरा फेसबुक पर भी अकाउंट है और मुझे वहां जबरदस्त समर्थन मिलता है. हो सकता है कि मेरे और भी कई समर्थक हों.”
उन्होंने वेंस के इस दावे का खंडन किया कि इजरायल का कोई अन्य सहयोगी नहीं है. नेतन्याहू ने कहा, “हमारे बहुत सारे दोस्त हैं,” जिनमें ऐसे देश भी शामिल हैं, जो इजरायल के बेहतरीन साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों से मदद लेना चाहते हैं.
नेतन्याहू ने कहा, “कई नेता मुझे फोन करके कहते हैं, ‘देखिए, मुझे जनमत को लेकर कुछ समस्या है, लेकिन मैं चाहता हूं कि आप जानें कि हम आपका सम्मान करते हैं. क्या हम कुछ समझौते कर सकते हैं? क्या आप हमें कुछ ऐसी चीजें सिखा सकते हैं, जो आपकी सेना करती है? और क्या हम आपकी AI और साइबर विशेषज्ञता का फायदा उठा सकते हैं?'”
उन्होंने आगे कहा, “साइबर सेक्टर में इजरायल दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा देश है और हमारी तकनीक बहुत अच्छी है. इसलिए, रिश्ते वैसे नहीं हैं, जैसे वे ऊपर से दिखाई देते हैं.”
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