एक हार क्या मिली अब जिम्बाब्वे भी दिखाने लगा आंख, सिकंदर रजा ने टीम इंडिया को दी वार्निंग – Zimbabwe Sikandar Raza warning to Team India after defeat ind vs sa t20 world cup super 8 ntcpas


आईसीसी मेन्स टी20 वर्ल्ड कप के सुपर-8 में टीम इंडिया को करारा झटका लगा है. साउथ अफ्रीका ने भारत को 76 रनों से करारी शिकस्त दी है. इस हार के चलते सेमीफाइनल का समीकरण पूरी तरह से बदल गया है. वहीं, अब टीम इंडिया को जिम्बाब्वे ने भी आंख तरेरना शुरू कर दिया है. 

भारत के लिए अगले दो मैच करो या मरो की स्थिति वाले हैं. लेकिन इससे पहले जिम्बाब्वे के कप्तान सिकंदर रजा ने साफ कहा है कि भारत में हाल के वर्षों में टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच नहीं खेलने को उनकी टीम बहाना नहीं बनाएगी. उन्होंने साफतौर पर कहा कि वे भारत की चुनौती से निपटने के लिए पूरी तरह से तैयार हैं.

जिम्बाब्वे ने एक दशक से अधिक समय से भारत में कोई टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबला नहीं खेला है. इसके बावजूद टीम का आत्मविश्वास ऊंचा है. ग्रुप चरण में श्रीलंका और ऑस्ट्रेलिया जैसी मजबूत टीमों को हराकर जिम्बाब्वे ने बड़ा उलटफेर किया और अब सुपर-8 में उसकी चुनौती और कड़ी होने वाली है. इस चरण में उसका मुकाबला भारत, दक्षिण अफ्रीका और वेस्टइंडीज जैसी टीमों से है.

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सिकंदर रजा ने कहा कि परिणाम चाहे जो भी हो, वह परिस्थितियों के अनुसार खुद को ढालने में नाकामी की वजह से नहीं होगा. उनके अनुसार टीम सकारात्मक सोच के साथ मैदान पर उतर रही है.

क्या बोले सिकंदर रजा

रजा ने माना कि भारत में खेलने का अनुभव मददगार हो सकता है, लेकिन असली बात हालात के मुताबिक खुद को ढालना है. उन्होंने कहा कि मैदान छोटा हो या बड़ा, हालात दोनों टीमों के लिए एक जैसे होंगे. जिम्बाब्वे का लक्ष्य सिर्फ अच्छा नहीं बल्कि बेहतरीन प्रदर्शन करना है.

सेमीफाइनल की संभावनाओं पर रजा ने मुस्कुराते हुए कहा कि बहुत कम लोगों ने जिम्बाब्वे को अंतिम चार में पहुंचने का दावेदार माना होगा. उन्होंने स्वीकार किया कि टीम को अभी खुद को और साबित करना है, लेकिन यही चुनौती उन्हें प्रेरित करती है.

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उन्होंने भरोसा दिलाया कि टीम हर मैच में अपना सर्वश्रेष्ठ देने की कोशिश करेगी. रजा के अनुसार हर जीत के साथ खिलाड़ियों का आत्मविश्वास बढ़ा है और यही विश्वास उन्हें सुपर-8 में मजबूती से खेलने की ताकत दे रहा है.

जिम्बाब्वे ने साफ कर दिया है कि वह सुपर-8 में सिर्फ हिस्सा लेने नहीं, बल्कि पूरी ताकत से मुकाबला करने आया है.

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