एआई को लेकर इस अपील के बाद टेक कंपनियों के शेयरों में बड़ी गिरावट


स्वतंत्र भारद्वाज

इमेज स्रोत, Swatantra Bhardwaj/X

इमेज कैप्शन, स्वतंत्र भारद्वाज ने एक पॉडकास्ट में जंतर-मंतर पर मारपीट करने की बात कही थी और दावा किया था कि उनकी कई नेताओं से क़रीबी है (फ़ाइल फ़ोटो)

जंतर-मंतर पर सीजेपी प्रदर्शन के दौरान मारपीट करने के आरोप में गिरफ़्तार स्वतंत्र भारद्वाज ने सोमवार को दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट में कहा कि दिल्ली पुलिस ने राजनीतिक वजहों से उन्हें गिरफ़्तार किया है.

लाइव लॉ के मुताबिक़ सोमवार को अदालत ने स्वतंत्र भारद्वाज की ज़मानत याचिका पर सुनवाई की, लेकिन अपना फ़ैसला सुरक्षित रख लिया है.

स्वतंत्र भारद्वाज ने आरोप लगाया कि शिकायतकर्ता ने उन पर हमला किया था, न कि उन्होंने शिकायतकर्ता पर किया था.

भारद्वाज पर जुलाई में जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के प्रदर्शनों के दौरान एक छात्रा-कार्यकर्ता के पिता के साथ मारपीट करने का आरोप है.

बार एंड बेंच के मुताबिक़ भारद्वाज के वकील उमेश शर्मा ने सोमवार को कहा कि एक वीडियो है, जिसमें शिकायतकर्ता स्वतंत्र भारद्वाज पर हमला करते हुए दिखाई दे रहे हैं, लेकिन दिल्ली पुलिस ने शिकायतकर्ता के ख़िलाफ़ कोई कार्रवाई नहीं की है.

अदालत भारद्वाज की ज़मानत याचिका पर बंद कमरे में सुनवाई कर रही थी.

शर्मा ने अदालत को बताया कि भारद्वाज को एफ़आईआर में एससी/एसटी अधिनियम के प्रावधानों के तहत गिरफ़्तार किया गया था और उनके ख़िलाफ़ पॉक्सो के तहत एक और एफ़आईआर दर्ज की गई थी.

दूसरी ओर, शिकायतकर्ता की ओर से वकील स्वाति खन्ना पेश हुईं और उन्होंने कहा कि भारद्वाज ने शिकायतकर्ता के ख़िलाफ़ जातिसूचक गालियों का इस्तेमाल किया और एक वीडियो में यह भी स्वीकार किया कि उन्होंने ही शिकायतकर्ता पर हमला किया था.

इस बीच, दिल्ली पुलिस ने अदालत को बताया कि जब पहली बार शिकायत दर्ज की गई थी, तब जातिसूचक गाली का कोई उल्लेख नहीं किया गया था. बाद में जब दोबारा बयान दर्ज किया गया, तब जातिसूचक गाली का ज़िक्र किया गया और इसलिए एससी/एसटी अधिनियम लागू किया गया.

दलीलें सुनने के बाद अदालत ने अपना फ़ैसला सुरक्षित रख लिया.



Source link

Scroll to Top