ई बिहार है भैया, यहां CJP प्रोटेस्ट भी होता है फुल स्वैग में… देखें भौकाल मचाता वायरल वीडियो! – cjp protest bihar patna viral video students police action ntc agkp


बिहार की राजधानी पटना के वीडियो इन दिनों सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है, जिसमें पुलिस ने प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर पानी की बौछार तो चलाई, लेकिन मामला मस्ती में बदल गया. वजह ये कि एक छात्र ने खुद पुलिस अफसरों से गुजारिश की कि गर्मी बहुत है, वाटर कैनन चला दीजिए. 

पुलिस ने भी बाद में भीड़ को तितर-बितर करने के लिए कैनन चला दी. किसी ने गाना बजा दिया, बच्चे नाचने लगे और पुलिसकर्मी भी मुस्कुराने लगे. लेकिन यह पूरी कहानी सिर्फ इतनी मजेदार नहीं है. यह वीडियो जिस आंदोलन से निकला है, वह अगले ही दिन कई जिलों में हिंसक हो गया, जिसमें पथराव, हवाई फायरिंग और 100 से ज्यादा गिरफ्तारियां हुईं.

दरअसल यह पूरा मामला NEET परीक्षा के पेपर लीक को लेकर है. देश भर में छात्रों का गुस्सा बढ़ता जा रहा है और कॉकरोच जनता पार्टी द्वारा दिल्ली के जंतर मंतर से शुरू हुई यह आवाज अब कई राज्यों तक पहुंच चुकी है. छात्र केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं, और इस पूरे आंदोलन में बिहार सबसे आगे रहा है.

वीडियो में देखा जा सकता है कि जब पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को हटाने के लिए वाटर कैनन का इस्तेमाल किया, तो कई प्रदर्शनकारी गाने की धुन पर नाचने लगा. इससे कुछ देर के लिए प्रदर्शन स्थल का माहौल हल्का हो गया.

बुधवार को पटना में छात्र सड़क पर उतरे. भीषण गर्मी के बीच पुलिस और छात्रों के बीच झड़प हुई, पत्थर और चप्पल भी चले, पुलिस को बल और आंसू गैस का इस्तेमाल करना पड़ा. लेकिन इसी झड़प के बीच वह मजेदार पल भी आया जो अब वायरल हो रहा है. छात्रों ने पुलिस के बैरिकेड तोड़ने के बजाय उन्हें घुमाकर हटा दिया, और जो रस्सी लगाई गई थी उसे भी खींच दिया.

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गुरुवार को यही आंदोलन कई जिलों में गंभीर हो गया. जहानाबाद, दरभंगा, कटिहार और बेगूसराय में पत्थरबाजी हुई और पुलिस को हवा में फायरिंग और लाठीचार्ज करना पड़ा. इस हिंसा में कई छात्र और कम से कम चौदह पुलिसकर्मी घायल हुए, जबकि एक सौ चौदह से ज्यादा प्रदर्शनकारियों को गिरफ्तार किया गया.

इस वायरल वीडियो में देखा जा सकता है कि पटना के डाक बंगला चौराहे पर प्रदर्शन के दौरान लोग पुलिस की बैरिकेडिंग उठाकर भागने लगे. कई लोग बैरिकेड पर चढ़ गए, जबकि कुछ उसे अपने साथ ले जाते हुए दिखाई दिए. यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है.

जहानाबाद में छात्रों ने कारगिल चौक से ककोर मोड़ तक मार्च निकाला और बैरिकेड तोड़ने की कोशिश की. एसपी किरण कुमार के मुताबिक पुलिस को बीस से तीस राउंड हवाई फायरिंग करनी पड़ी, जिसमें थाना प्रभारी समेत दो अधिकारी घायल हुए.

जिलाधिकारी छेरिंग वाई भूटिया ने बताया कि प्रदर्शनकारियों ने रेलवे संपत्ति को नुकसान पहुंचाया और सख्त कार्रवाई की जाएगी. प्रशासन के मुताबिक पटना से ट्रेन में बैठकर कुछ बाहरी लोग भी शामिल होने आए और उन्होंने जिलाधिकारी के आवास पर पथराव भी किया, हालांकि फायरिंग से किसी के घायल होने की खबर नहीं है.

एक वायरल वीडियो में प्रदर्शनकारी पुलिस से सवाल करते हुए सुनाई दे रहे हैं. वीडियो में वे पुलिसकर्मियों से पूछते हैं, “क्या आपके पास टियर गैस नहीं है?” प्रदर्शनकारियों का यह सवाल सुनकर वहां मौजूद लोग भी प्रतिक्रिया देते नजर आते हैं. यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है.

दरभंगा के लोहिया चौक पर पथराव में शहर के एसपी और एक सिपाही को गंभीर चोटें आईं, जबकि करीब एक दर्जन पुलिसकर्मी मामूली घायल हुए. पुलिस ने भीड़ हटाने के लिए लाठीचार्ज किया. जिलाधिकारी कौशल कुमार ने बताया कि आयोजकों की पहचान की जा रही है और पांच लोगों को हिरासत में लिया गया है.

कटिहार में सैकड़ों छात्रों ने जिला समाहरणालय के सामने पुलिस पर पथराव किया और भाजपा सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए प्रधान के इस्तीफे की मांग की. यहां लाठीचार्ज करना पड़ा और चौदह लोगों को गिरफ्तार किया गया. जिलाधिकारी आशुतोष द्विवेदी ने कहा कि सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वालों पर कार्रवाई होगी, और कुछ बाहरी तत्वों ने मीडियाकर्मियों से भी झड़प की.

एक वायरल वीडियो में देखा जा सकता है कि एक प्रदर्शनकारी अपने हाथ में लकड़ी और लोहे काटने वाली मशीन (कटर मशीन) लेकर पहुंचा है. वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. हालांकि, इस वीडियो की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है.

बेगूसराय में भीड़ बेकाबू हो गई, पुलिस को हल्का बल इस्तेमाल करना पड़ा और कुछ छात्र व पुलिसकर्मी घायल हुए. मुंगेर और मुजफ्फरपुर से भी प्रदर्शन की खबरें आईं.

बिहार का छात्र आंदोलनों से पुराना नाता रहा है. 1955 में टिकट किराया बढ़ने को लेकर शुरू हुआ आंदोलन इतना बड़ा हो गया कि प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू को खुद दखल देना पड़ा. 1974 में जयप्रकाश नारायण की अगुवाई में आपातकाल के विरोध में बड़ा आंदोलन हुआ, और 1990 में मंडल आयोग की रिपोर्ट के बाद भी छात्र सड़कों पर उतरे. 

एक वायरल वीडियो में देखा जा सकता है कि पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच बैरिकेड के पास खींचतान हो रही है. दोनों पक्ष रस्सी को अपनी-अपनी ओर खींचते नजर आ रहे हैं, जिससे कुछ देर के लिए हालात तनावपूर्ण हो गए. यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है.

हाल के सालों में भी यह सिलसिला जारी रहा, 2022 में आरआरबी एनटीपीसी परीक्षा नतीजों को लेकर और 2025 में बीपीएससी परीक्षा लीक को लेकर पूरा बिहार सुलगता रहा.

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